देवेंद्र कुमार का रचना-संसार (बाल साहित्य)
Saturday, 19 September 2015
बाल कविता : फूल महकते हैं
फूल महकते हैं
पापाजी जब हँसते हैं
मम्मी खुश हो जाती हैं
मौसम रंग बदलता है
दोनों मुझे बुलाते हैं
ढेरों प्यार जताते हैं
जो मांगो मिलता है
मम्मीं सुंदर दिखती हैं
पापा अच्छे लगते हैं
घर में फूल महकते हैं।
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment