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Saturday, 19 September 2015

बाल कविता : हंसने का स्कूल



हँसने का स्कूल

पहले सीखो खिल-खिल खिलना
बढ़कर गले सभी से मिलना
सारे यहीं खिलेंगे फूल
यह है हँसने का स्कूल

जल्दी  आकर नाम लिखाओ
पहले हँसकर जरा दिखाओ
बच्चे जाते रोना भूल
यह है हँसने का स्कूल

झगड़ा-झंझट और उदासी
इसको तो हम देंगे फांसी
हँसी-खुशी से झूलम झूल
यह है हँसने का स्कूल।